How to do vrikshasana | benefits of vrikshasana
वृक्ष; आसन-- आसन या मुद्रा
Vrikshasana आसन का उच्चारण हम आसान भाषा में करें तो vrik-shah-sana के रूप में कर सकते हैं यह आसन एक सीधे खड़े हुए पेड़ के जैसा दिखता है जैसे एक सीधा खड़ा हुआ पेड़ नजर आता है! जब हम Vrikshasana आसन को करते हैं, तो दूर से ऐसा ही लगता है! जैसे कोई पेड़ सीधा खड़ा हुआ है! Vrikshasana पोज को ट्री पोज भी कहा जाता है! Vrikshasanaपोज में संतुलन बनाए रखने के लिए हमें अपनी आंखों को खुला रखना होता है!
- सीधे खड़े होकर अपने हाथों को अपने शरीर के किनारे लंबा और सीधा रखें!
- अपने दाहिने घुटने को मोड़ते हुए दाहिने पैर को अपनी बाईं जांघ के ऊपर रखें पैर का तलवा जांघ के ऊपरी हिस्से में चिपका हुआ होना चाहिए! यानी शरीर का संतुलन बनाए रखने के लिए दाहिने पैर को बाईं जांघ पर मजबूत पकड़ बनाए रखें मतलब अपने बाएं पैर को सीधा रखकर अपने शरीर का संतुलन बनाए रखें!
- जब आपका पूरी तरह से संतुलन बन जाए तो एक गहरी सांस लें अपने हाथों को अपनी तरफ से अपने सिर के ऊपर उठाएं और अपनी हथेलियों से टुगेदर नमस्ते मुद्रा(नमस्कार मुद्रा ) बनाएं
- अपने सामने दूर की वस्तु पर सीधे देखें एक जगह टकटकी लगाकर देखने से संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती हैं!
- शरीर को आरामदायक अवस्था में छोड़ने के साथ शरीर को यह ध्यान रखें कि आप की रीड की हड्डी सीधी हो आपका पूरा शरीर एक इलास्टिक बैंड की तरह तना हुआ होना चाहिए!
- लंबी गहरी सांसे लेते रहे,हर सांस छोड़ने के साथ शरीर को आराम दें, बस शरीर के साथ रहो और चेहरे पर एक सौम्य मुस्कान के साथ सांस ले!
- धीमी गति से साथ छोड़ने के साथ धीरे से अपने हाथों को नीचे की ओर लाए अब आप धीरे से दाहिना पैर छोड़ सकते हैं!
- अब आप बिल्कुल सीधे खड़े हो जाएं जैसे आपने आसन के शुरुआत में किया था इस पोज को बाएं पैर के साथ दाएं जांघ पर उसी तरह से दोहराएं
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2. Benefits of Vrikshasana | वृक्षासन के लाभ:-
- यह आसन करने के बाद आप अपने शरीर में उर्जा महसूस करेंगे!
- यह आसन आपके हाथ पैरों और पीठ की मांसपेशियों में खिंचाव पैदा करता है और उन्हें रिलैक्स फील कराता है!
- यह आपके दिमाग का संतुलन बनाए रखने में मदद करता है!
- यह एक एकाग्रता में सुधार करने में मदद करता है!
- कटिस्नायुशूल( sciatica)रोग से पीड़ित लोगों काफी मदद करता है!
- यह पैरों को मजबूत बनाता है संतुलन में सुधार करता है
- नसों में होने वाले दर्द को भी कम करता है!
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3 .Precautions of Vrikshasana | वृक्षासन किन लोगों को नहीं करना चाहिए:-
यदि आप माइग्रेन, अनिद्रा, लो बीपी या हाई बीपी से पीड़ित हैं,( हाई बीपी वाले लोगVrikshasana आसन को कर सकते हैं लेकिन अपने हाथों को ऊपर की ओर उठाएं बिना क्योंकि यहआगे उनके बीपी को बढ़ा सकता है)तो इस आसन को करने से बचें!
आपको Vrikshasana आसन के करने से क्या-क्या लाभ हुए आप मुझे कमेंट बॉक्स में जरूर बताएंगे और इसे अपने दोस्तों को भी शेयर करें!
Vrikshasana आसन के अभ्यास से आप अपने शरीर और मस्तिक को स्वस्थ रख सकते हैं! अगर आप किसी बीमारी से पीड़ित हैं, और कोई दवा का सेवन आप करते हैं, तो यह आसन आप किसी अच्छे योगा टीचर की देखरेख में ही अभ्यास करें!
आपको Vrikshasana आसन के करने से क्या-क्या लाभ हुए आप मुझे कमेंट बॉक्स में जरूर बताएंगे और इसे अपने दोस्तों को भी शेयर करें!








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