Immunity and stamina booster soup
नमस्कार दोस्तों, आज मैं अपने इस ब्लॉक में आपको इम्यूनिटी और स्टेमिना को बढ़ाने वाले सूप(Immunity and stamina booster soup) के बारे में बताऊंगी। जो आजकल चल रही महामारी कोविड-19 में पीने से हमारे को बहुत ज़्यादा फायदा होने वाला है। यह हमारे इम्यूनिटी और स्टेमिना को बढ़ाने के लिए सूप(Immunity and stamina booster soup )होता है। यह सारा पोस्ट में डॉ जितेंद्र आयुष की सहायता से लिखने में सक्षम हो सके हूँ। तो इसके लिए मैं डॉ जितेंद्र का तहे दिल से धन्यवाद करती हूँ। दोस्तों ख़ुशी की बात तो यह है कि यह डॉक्टर जितेंद्र ने हमें ख़ुद अपने हाथों से बनाकर भी बताया है। उसका पूरा वीडियो देखने के लिए आप इस लिंक पर क्लिक करें।
तो आइए दोस्तों शुरू करते हैं। Immunity and stamina booster soupeइम्यूनिटी और स्टेमिना को बढ़ाने के लिए सूप
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| Immunity and stamina booster soup |
बादाम, दालचीनी, तुलसी, लौंग, छोटी इलायची, काली मिर्च और सेंधा नमक मिट्टी का बर्तन पकाने के लिए यह सूप इम्यूनिटी और स्टेमिना बढ़ाने के लिए बहुत ही उत्तम औषधीय गुणों से भरपूर है मन को मजबूती देता है। मानसिक और शारीरिक शक्ति बढ़ाता है कार्य क्षमता बढ़ाता है। रोगों से लड़ने की शक्ति प्रदान करता है ।इस में डालने वाला एक-एक
https://startjankari.blogspot.com/2020/06/Nimbu-khane-se-fayde.html
द्रव्य बहुमूल्य गुण वाले हैं ।आज वैज्ञानिक दौर में पाया है कि तुलसी काली मिर्च बेस्ट एंटीवायरल हैं। बदाम मस्तिष्क को पोषण देने वाला है। लॉन्ग मुंह के दांत मसूड़ों के रोगों को दूर करने में अचूक है ।बाकी आयुर्वेद के अनुसार एक-एक द्रव्य की मुख्य-मुख्य प्रयोग और लाभ हम आपको बता रहे हैं। कृपया डिस्क्रिप्शन को पूरा पढ़ें तथा सावधानी और मात्रा को भी ध्यान पूर्वक पढ़कर अपने जीवन में इस्तेमाल करें।
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द्रव्य बहुमूल्य गुण वाले हैं ।आज वैज्ञानिक दौर में पाया है कि तुलसी काली मिर्च बेस्ट एंटीवायरल हैं। बदाम मस्तिष्क को पोषण देने वाला है। लॉन्ग मुंह के दांत मसूड़ों के रोगों को दूर करने में अचूक है ।बाकी आयुर्वेद के अनुसार एक-एक द्रव्य की मुख्य-मुख्य प्रयोग और लाभ हम आपको बता रहे हैं। कृपया डिस्क्रिप्शन को पूरा पढ़ें तथा सावधानी और मात्रा को भी ध्यान पूर्वक पढ़कर अपने जीवन में इस्तेमाल करें।
बादाम से होने वाले फायदे-
- यह बहुत अच्छा वृष्य स्टेमिना बढ़ाने वाला होता है।
- वात रोगों में लाभदायक और नाड़ियों की कमजोरी दूर करने वाला होता है।
- अधरंग कब्जी, पेट में गैस की समस्या को दूर करने वाला होता है।
- शुक्राणुओं की शक्ति बढ़ाने वाला और शुक्राणुओं की मात्रा बढ़ाने वाला होता है।
- रक्तपित्त ब्लीडिंग, माहवारी का ज़्यादा आना या नाक से खून आने की समस्या को दूर करने वाला होता है।
- इसकी फल मज्जा वात और पित्त दोष को कम करती है।
- हल्का-सा कफ दोष को बढ़ाती है। इसको हम भिगोकर प्रयोग करेंगे जो दूसरे उष्ण द्रव्यों की उष्णता कम करने में सहायता करेगा और-और गुणवत्ता भी अधिक बढ़ जाती है ।
दालचीनी से होने वाले फायदे-
- विष का प्रभाव कम करता है।
- गले के दर्द और सूजन में कार्य करता है।
- सिर दर्द कम करता है।
- मूत्राशय का शोधन करने वाला होता है।
- पित् दोष को बढ़ाने वाला गठिया रोग नाशक होता है।
- वात अर्श, सूखी बवासीर, कफ कास हर, महीने की कम आने की समस्या को ठीक करता है।
- गले को साफ़ और आवाज़ को शुद्ध करने वाला होता है।
- बीपी को कम करने वाला ह्रदय को ताकत देने वाला मूत्र की मात्रा बढ़ाने वाला होता है।
तुलसी से होने वाले फायदे-
- कफ नाशक अत्यधिक बलगम के आने पर प्रयोग किया जाता है।
- क्रीमी हर पेट के कीड़ों को मारने वाला कीटाणुओं को मारने वाला उत्तम क्वालिटी का एंटीवायरस रुचि कृत स्वाद में रुचि
को बढ़ाने वाला होता है।
- कोलस्ट्रोल को धमनियों में जमने से रोकता है ह्रदय के लिए टॉनिक का काम करता है।
- अस्थमा के रोगियों के लिए लाभदायक जीर्ण श्वास सम्बंधी रोगों में लाभदायक होता है।
- त्वचा रोगों में लाभदायक होता है।
- विषहर, पेशाब की रुकावट को दूर करने वाला होता है।
- गुर्दे और मूत्राशय के लिए लाभदायक होता है।
- चमड़ी के विकारों को दूर करने वाला, खारिश को दूर करने वाला और पथरी रोगों को दूर करने वाला होता है।
- नेत्र रोगों को दूर करने वाला होता है।
- मानसिक रोगों में शांति देने वाला होता है
लौंग से होने वाले फायदे-
- प्यास को दूर करने, मुख की दुर्गंध दूर करने, मुंह में चिकनाई लाने वाला, स्वाद बढ़ाने वाला होता है
- नेत्रों के लिए लाभदायक होता है
- दीपन और पाचन भूख बढ़ाने वाला।
- ब्लीडिंग कम करने वाला ।
- उल्टी रोकने वाला और पेट की गैस को कम करने वाला, अफारे को कम करने वाला, पेट दर्द कम करने वाला
- खांसी, जुकाम में लाभदायक।
- दमा श्वास सम्बंधी विकार, सांस लेने में कठिनाई, सांस लेते समय साईं-साईं की आवाज़ आना, जीर्ण श्वसन सम्बंधी
रोग दूर करने वाला होता है
छोटी इलायची से होने वाले फायदे-
- दमा और सांस के रोगों में लाभदायक।
- शरीर में होने वाली पीड़ा को दूर करने वाला ।
- भोजन में सुगंध बढ़ाने वाला ।
- नाक के रोगों में लाभदायक।
- पेशाब करते समय पीड़ा होना।
- सांस का रोग खांसी जुखाम कफ को स्थिर करने वाला ।
- टीबी और सांस के रोगों में लाभदायक होता है
- हृदय के लिए टॉनिक।
- भोजन के प्रति रुचि बढ़ाने वाला तथा पाचन तंत्र को मज़बूत करने वाला होता है।
- वात नाड़ियों में कोई दर्द पीड़ा, अधरंग कब्जी, बवासीर, पेट में जलन या पीड़ा होने पर उल्टी गैस और आईबीएस
अच्छा लाभ देखने को मिलता है।
https://startjankari.blogspot.com/2018/12/rajgira-benefits.html
काली मिर्च से होने वाले फायदे-
- यह ज़्यादा उष्ण नहीं होता है
- रूचि कारक, भोजन में रुचि बढ़ाने वाला स्वाद बढ़ाने वाला।कफ का छेदन और शोषण करने वाला।
- कफ और वात को शमन करने वाला।
- वात नाशक गैस की समस्या, जोडो के दर्द को कम करने वाला ।
- कृमी नाशक, जंतु नाशक आंत्र के कीड़े मारने वाला।
- हृदयरोग हरने वाला।
- विषम ज्वर नाशक बार-बार जो बुखार होता है उसको कम करने वाला।
- आंत्र को साफ़ करने वाला आंत्र के अंदर जो मल चिपक जाता है उसको साफ़ करके निकालने वाला।
- जिन महिलाओं को महीना कम आता है उसको सही करने वाला।
- चर्बी को घटाने वाला मोटापे को कम करने वाला सांस लेने में तकलीफ और बलगम को कम करने वाला।
सेंधव नमक होने वाले फायदे-
- स्वाद बढ़ाने वाला भोजन में रुचि जगाने वाला।
- वृष्य स्टेमिना बढ़ाने वाला।
- नेत्रों के लिए लाभदायक।
- संक्रमण को रोकने वाला।
- शरीर में जलन को कम करने वाला। ह्रदय के लिए टॉनिक।
- हिचकी हिक्का रोग का नाश करने वाला।
- चर्बी को कम करने वाला।
- हड्डियों को मज़बूत करने वाला।
- खून की कमी को पूरा करने वाला मुख का शोधन करने वाला।
- गले में दर्द सूजन सूखी खांसी टॉन्सिलाइटिस में लाभदायक।
- मांसपेशियों को ताकत देने वाला।
- मन को शांति देने वाला।
- यह सूप जिन द्रव्यों से बना है उसमें से तुलसी, काली मिर्च और दालचीनी मुख्यतः उष्ण प्रकृति के हैं। भीगे
- बदाम, सेंधा नमक थोड़े ठंडे होते हैं लौंग, इलाइची शरीर के अंदर ठंडा प्रभाव डालते हैं।
- इस प्रकार यह अधिक उष्ण नहीं है फिर भी इसके प्रयोग में कुछ।
इम्यून सिस्टम और स्टेमिना को बढ़ाने के लिए सूप को पीने में रखने वाली सावधानियां-
जैसे गर्भवती महिलाओं को, खूनी बवासीर, त्वचा के विकार और जिन को दस्त की समस्या हो उन लोगों को इसका सेवन
नहीं करना चाहिए.
नहीं करना चाहिए.
कितनी मात्रा का सेवन करेंऔर किस समय ले-
एक वयस्क18 के लिए उपयोग की मात्रा= 50 से 150ml
बच्चों के लिए
2-5 साल= 5 से 15ml
5-10साल= 15 से 30 ml
10-18साल=30 से 50ml
भोजन से आधे घंटे पहले या आधे घंटे बाद सुबह के समय या रात को एक समय। एक दिन छोड़कर इस्तेमाल करें।
नमस्कार दोस्तों, आप मैं आशा करती हूँ कि आपको यह इम्यूनिटी और स्टेमिना बढ़ाने के लिए सूप(Immunity and
stamina booster soup)पूरी तरह से समझ आ गया होगा और आप भी अपने घर पर यह एमेनिटी और स्टेमिना
बढ़ाने वाला सूप बना कर पिएंगे और अपने बच्चों को भी पिलाएंगे जिससे उनका स्टैमिना मज़बूत हो और वह हर बीमारी
से लड़ने के लिए तैयार हूँ और एक स्वस्थ भारत का निर्माण कर सकेंगे
stamina booster soup)पूरी तरह से समझ आ गया होगा और आप भी अपने घर पर यह एमेनिटी और स्टेमिना
बढ़ाने वाला सूप बना कर पिएंगे और अपने बच्चों को भी पिलाएंगे जिससे उनका स्टैमिना मज़बूत हो और वह हर बीमारी
से लड़ने के लिए तैयार हूँ और एक स्वस्थ भारत का निर्माण कर सकेंगे
दोस्तों इस पोस्ट को ज़्यादा से ज़्यादा आप शेयर करें ताकि इम्यून सिस्टम और स्टेमिना को बढ़ाने के लिए सूप
(Immunity and stamina booster soup) के बारे में सब जान पाए और एक स्वस्थ भारत का निर्माण करने
में हम भी भागीदार हो सके तो
(Immunity and stamina booster soup) के बारे में सब जान पाए और एक स्वस्थ भारत का निर्माण करने
में हम भी भागीदार हो सके तो
धन्यवाद दोस्तों,
जय हिंद।








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